शनिवार, 12 फ़रवरी 2011

वाह क्या क्रांति है और क्या क्रांतिकारी हैं।


कल अबूझमाड़ में बड़ा गज़बनाक सीन पेश हुआ...... महान क्रांतिकारी संत स्वामी अग्निवेश के नेतृत्व में  नक्सलियों की एक जनअदालत में नारे लगाए जा रहे थे सी.पी.आई.(एम.एल.) जिन्दाबाद, सी.ए.एफ (छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल ) जिन्दाबाद। नक्सलियों ने जवानों की रिहाई अबुझमाड़ के करियामेटा जंगल में दो हजार लोगों की मौजूदगी में बुलाई इस जनअदालत के बाद की थी । समझा जा सकता है कि यह नारेबाजी सी.पी.आई.(एम.एल.) के उत्साही कार्यकर्तागण कर रहे थे जिन्हें नक्सली कहा जाता है। वाह क्या क्रांति है और क्या क्रांतिकारी हैं।

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